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Thursday, April 7, 2011

सत्यमेव जयते....

क्या भ्रष्टाचार सच में खत्म हो जायेगा...??.......असम्भव.........ये असम्भव है......हाँ हम ये मान सकते हैं कि भ्रष्टाचार काम हो सकता है या इस पर नियंत्रण किया जा सकता है, ये भी हो सकता है कि छुट भइया भ्रष्टाचारियों को सजा मिल जाये और छोटे भ्रष्टाचारी डरकर सहीं रास्ते में आ जाएँ.....ये सभी लाइने पढ़कर शायद आप मुझे कोसेंगे लेकिन मैं ये सब इस लिए लिख रहा हूँ क्यूँ कि दुर्भाग्य है कि हमारे पास ज्यादा अन्ना हजारे नहीं है वो 75 साल का युवा जवान देश के लिए लड़ रहें हैं और हम आप क्या कर रहें हैं हमें अभी भी अपने घर अपनी नौकरी अपने भविष्य कि चिंता सता रही है !!!
मेरा इक प्रश्न है आप सभी से क्या अन्ना हजारे के अलावा कोई दूसरा व्यक्ति भूख हड़ताल में बैठता तो इतना हंगाम होता..? क्या इतने समर्थन में लोग आते ...क्या हम फेसबुक एवं ब्लॉग पर समर्थन में लिखते...? शायद नहीं ......आप अपने अंतर्मन से सवाल करिए यहाँ मेरे लिखने का अभिप्राय यह नहीं है कि मैं अन्ना जी के खिलाफ हूँ, मैं सिर्फ ये कहाँ चाहता हूँ कि कोई भी हो यदि देश हित में कुछ करता है तो हमें समर्थन करना चाहिए भाई-भातिजवाद को हटाना चाहिए........जिसके लिए हमे शुरुवात ज़मीं से करनी चाहिए ना कि आसमान से..........आप खुद से पूछिये (1) जब हम अपने घर के बच्चों का एडमिशन करवाने जाते हैं तो क्या होता है ....डोनेसन देते हैं क्यूँ देते हैं क्यूँ कि हमें अपने बच्चों का अच्छा स्कुल देना है लेकिन हम भ्रष्टाचार का समर्थन कर रहें हैं (2) हमें रेलयात्रा करनी होती है रिजर्वेसन हमें हर कीमत पे चहिये भले ही हमें ब्लैक में ही टिकट क्यूँ ना खरीदनी हो ....(3) शहर में नाली सड़कें बन रही होती है हमारे आँख के सामने मिलावटी काम होता है गुड्वता विहीन निर्माण कार्य होता है हम क्या करते हैं..? (4) अब आते हैं न्यायालय ( कोर्ट-कचहरी) में सबसे बड़े भ्रष्टाचारी यहीं होते हैं और बाबूगिरी का खेल यहीं दिखता है लोग दुखी मन से यहाँ न्याय पाने के लिए यहाँ आते हैं उन्हें बेवकूफ बनकर उनसे पैसा ऐंठा जाता है यदि आप सहीं तरीके से न्याय पाने कि सोच रहें हैं तो आप से महान कोई नहीं है ....कोई भी सरकारी दस्तावेज निकलवाना होता तो कारगिल युद्ध से भी ज्यादा मुश्किल काम होता है ये मैं अपने व्यक्तिगत अवलोकन के बाद लिख रहा हूँ ...मैंने कुछ उदहारण दिए हैं ........क्या-क्या लिखूं इन सब बातों को लिखने से खून में उबल आ जाता है इस लिए मैं यहीं विराम देता हूँ आप सभी अपने आप से द्वन्द करिए और बताइए कि भ्रष्टाचार इतनी जल्दी मिट सकता है...? यदि आपका जवाब हाँ है तो मुझे ख़ुशी होगी और यदि ना तो कृपया कहीं से ही सही भ्रष्टाचार रोकने के उपाय करिए ........जिसके लिए भारत माता आभारी रहेगी हमारे आने वाली पीढ़ी आपका शुक्रगुजार होगी .....
धन्यवाद जय हिंद, जय भारत
"सत्यमेव जयते "

मुकेश गिरी गोस्वामी

2 comments:

  1. Thursday, April 07, 2011
    aamir se bhi pehle ?

    wah bhai wah .........
    aap kisi bhi subject par bahot achchha likhte hai .

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