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Saturday 17 December 2016

दर्द छलकता रहा....


दर्द छलकता रहा शब्दों मे... 
अंखियन से नीर बह गयी...
मेरा पीडा रहा लफजों मे...
शखियन की कविता सब कह गयी...



मुकेश गिरि गोस्वामी : ह्रदय गाथा मन की बातें

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