
नींद नहीं आँखों में...!
चैन नहीं सांसो में...!
किस तरह से जिया जाये...!
मन कि तृष्णा कहे हाये...!
चारो ओर नशे का उन्माद है...!
जिंदगी इनकी बर्बाद है...!
मिट रहा है प्रेम प्यारा...!
खो गया है भाई चारा...!
कोई तो आओ सम्हल लो...!
डूबते नाव को तार लो...!
बेखुदी को मार लो...!
जिंदगी संवार लो...!
ढल रही जिंदगी कि शाम है...!
शराबखोरी आम है...!
सिरदर्द के लिए बाम है...!
जिंदगी के लिए जाम है ..?
और ना इन्हें कोई काम है...!
बेपरवाहों के लिए हसीं शाम हैं..?
न्यूज़ पपेरों में खूनियों का नाम है...!
लुट मार कि खबरें चैनलों कि शान है...!
प्रभु हम दुखियों के लिए सिर्फ तेरा ही नाम है...!
हमें बुराइयों से बचाना तेरा ही काम है...!
तेरा ही आसरा हमें ...!
तुझको ही प्रणाम है ...!
न्यूज़ पपेरों में खूनियों का नाम है...!
ReplyDeleteलुट मार कि खबरें चैनलों कि शान है...!
विचारोत्तेजक कविता के लिए आभार
यूँ ही लिखते रहें।
शानदार प्रस्तुति... शुभागमन...!
ReplyDeleteहिन्दी ब्लाग जगत में आपका स्वागत है, कामना है कि आप इस क्षेत्र में सर्वोच्च बुलन्दियों तक पहुंचें । आप हिन्दी के दूसरे ब्लाग्स भी देखें और अच्छा लगने पर उन्हें फालो भी करें । आप जितने अधिक ब्लाग्स को फालो करेंगे आपके अपने ब्लाग्स पर भी फालोअर्स की संख्या बढती जा सकेगी । प्राथमिक तौर पर मैं आपको मेरे ब्लाग 'नजरिया' की लिंक नीचे दे रहा हूँ आप इसके दि. 18-2-2011 को प्रकाशित आलेख "नये ब्लाग लेखकों के लिये उपयोगी सुझाव" का अवलोकन करें और इसे फालो भी करें । आपको निश्चित रुप से अच्छे परिणाम मिलेंगे । शुभकामनाओं सहित...
http://najariya.blogspot.com
सच्ची और अच्छी कामना
ReplyDeleteसच कहा भगवान का ही आसरा है...
ReplyDeleteअच्छे भाव
" भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" की तरफ से आप को तथा आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामना. यहाँ भी आयें, यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो फालोवर अवश्य बने .साथ ही अपने सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ . हमारा पता है ... www.upkhabar.in
ReplyDeleteआप सभी लोगों का धन्यवाद !
ReplyDeleteआपको मेरी रचनाएँ पसंद आई जिसके लिए पुनः आभार !
आप लोगों के मार्ग दर्शन और सुझाव मेरे लिए हमेशा लाभप्रद रहेंगे !
उम्मीद है आप लोगों कि वक्तव्य मुझे मिलते रहेंगे !