जब लिखने बैठता हूँ, तस्वीर तेरी आँखों में छा जाती है!
किताबों में दफ़न फूलों से अब तलक तेरी खुशबु आती है!!
Friday, September 30, 2011
आईना : "मैं हूँ तेरा सच्चा हमदर्द"
जबतूरोतीहै, तोमैंभीरोताहूँ, जब तू हंसती है, तो मैं भी हँसता हूँ जब उदास होती है, तो मैं भी उदास हो जाता हूँ जब मेरे पास दिखती हो, तो मैं साथ हो जाता हूँ जब दूर तुम जाती हो, तो तन्हा हो जाता हूँ जब तरह-तरह के श्रृंगार करती हो, तो मैं भी संवर जाता हूँ
सटीक पंक्तियाँ... चित्र के अनुरूप
ReplyDeleteसंजय कुमार
आदत….मुस्कुराने की
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