Hindi

Followers

Monday, December 31, 2018

अब मिटेगा जग से अँधियारा


पल पल घटित समय ये क्षण
अब संगठित होंगे ये कण

 नव वर्ष का सूर्य उदय हुआ
अब मिटेगा जग से अँधियारा

 नव उमंगें लहरा रही नव चेतना उदय हुआ  
अब जग पुल्कित हुआ बहेगी विकास  की धारा


अंग्रेजी नववर्ष के उपलक्ष्य में शुभकामनाएं 
ईश्वर आपकी सभी मनोकामना पूर्ण करे ।

मुकेश गिरि गोस्वामीहृदयगाथा : मन की बातें ”

नई कवितायेँ ...

LatestPoetry:


My Blog List