जब लिखने बैठता हूँ, तस्वीर तेरी आँखों में छा जाती है!
किताबों में दफ़न फूलों से अब तलक तेरी खुशबु आती है!!
Thursday, May 23, 2013
आँखों में अश्क दिए है....
क्यूँ कर रहा हूँ मैं तुमसे अब भी प्यार तुमने तडफाया, तुमने दिल तोडा तुमने रुलाया मेरी आँखों में अश्क दीये है अब और कैसे भरोसा करूँ अब कैसे मुस्कुराऊँ तुमने जिंदगी से खुशियों को मिटा दिये है मुझे तन्हा कर दिया मुझको छोड़ दिया, दिल तोड़ दिये है फिर भी मैं तुमसे मुहब्बत करता हूँ क्या मैं गुनाहगार हूँ ...?
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