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Saturday, October 15, 2011

जिंदगी बीत जाये...

जरा झूम के बरसो रे मेघा ये बादल
सजनी के आँखों का मैं बन जाऊं काजल
खनक जाऊं मैं उसकी हाथो में बनके कंगना
जिंदगी बीत जाये बाँहों में मौत आये भी तो उसके आंगन


Thursday, September 29, 2011

.....तुम्हे तो इश्क है.....


तुम्हे तो इश्क है, मुझे भी इश्क है

इश्क तो इश्क है, सभी को इश्क है

इश्क खुदा से है तो इबादत है

इश्क मनुष्य से है तो इंसानियत है

इश्क माँ से है तो सेवा है

इश्क बाप से है तो आज्ञा है

इश्क बहन से है तो जिम्मेदारी है

इश्क भाई से है तो हिम्मातदारी है

इश्क पडोसी से है तो खिदमतगारी है

इश्क तुमसे है तो तीमारदारी है... ?

इश्क मुझसे है तो बीमारी है ...?