जब लिखने बैठता हूँ, तस्वीर तेरी आँखों में छा जाती है! किताबों में दफ़न फूलों से अब तलक तेरी खुशबु आती है!!
Wednesday, June 19, 2019
Sunday, April 28, 2019
नदी के दो किनारे हम...
नदी के दो किनारे हम...
तुम किसी की और तुम्हारे हम
नदी के दो किनारे हम...
तुम दिल और धड़कन हम
नदी के दो किनारे हम...
तुम इश्क़ और जूनून हम
नदी के दो किनारे हम...
बेवफ़ा तुम और वफ़ा के सहारे हम
चुपचाप गुज़र जाओ...
चुपचाप गुज़र जाओ, तुम अखियाँ मिलाते
चुपचाप गुज़र जाओ, अपनी खुश्बू बिखेरते
चुपचाप गुज़र जाओ, धड़कनो से ताल मिलाते
चुपचाप गुज़र जाओ, तुम मद्धम मुस्काते
चुपचाप गुज़र जाओ, अपना दर्द बयाँ करते
चुपचाप गुज़र जाओ, फिर कब गुज़रोगे बताते
चुपचाप गुज़र जाओ, जमाने से नज़रे चुराते
चुपचाप गुज़र जाओ, अपनी खुश्बू बिखेरते
चुपचाप गुज़र जाओ, धड़कनो से ताल मिलाते
चुपचाप गुज़र जाओ, तुम मद्धम मुस्काते
चुपचाप गुज़र जाओ, अपना दर्द बयाँ करते
चुपचाप गुज़र जाओ, फिर कब गुज़रोगे बताते
चुपचाप गुज़र जाओ, जमाने से नज़रे चुराते
Friday, April 5, 2019
Thursday, April 4, 2019
एक मौका सभी को मिलता है
एक मौका सभी को मिलता है
इश्क़ को पाने के लिए
एक मौका सभी को मिलता है
इश्क़ में जीने मर जाने के लिए
एक मौका सभी को मिलता है
घर संसार बसाने के लिए
एक मौका सभी को मिलता है
टूट के बिखर जाने के लिए
एक मौका सभी को मिलता है
गीत गाने गुनगुनाने के लिए
एक मौका सभी को मिलता है
उलझे रिश्ते सुलझाने के लिए
एक मौका सभी को मिलता है
ग़म दुख मिटाने के लिए
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