Saturday, November 2, 2019

ज़रा सी आहट भी ना हुई...


बिछुड गए तुम मेरे दुनिया से
और ज़रा सी आहट भी ना हुई
ज़ख्म दिये तुमने इतने गहरे
और ज़रा सी आहट भी ना हुई
टुकड़े टुकड़े कर दिये अरमान मेरे
और ज़रा सी आहट भी ना हुई
बिखर गए हैं सारे सपने अपने
और ज़रा सी आहट भी ना हुई
टूटा सबर-ऐ-बान्ध झटके से
और ज़रा सी आहट भी ना हुई
बन गये तुम ज़लिम-ऐ-सितमगर
और ज़रा सी आहट भी ना हुई

Sunday, October 20, 2019

कुछ देर पहले...

कुछ देर पहले तुमको
देखा था ख्यालो में तुम ही तो थी
हाँ, कुछ देर पहले ही तो
तुम्हारी जुल्फ़े लहराई तो थी
हाँ, कुछ देर पहले ही तो
पिताम्बर साड़ी में चमचमाता चेहरा
हाँ, गुज़रा तो था मेरे करीब से
हाँ, कुछ देर पहले ही तो
नजरें क्षण भर टकराई तो थी
हाँ, तब स्नेहवश गालों पे
गुलाबी रंग शरमाई तो थी
हाँ, कुछ देर पहले ही तो


हो गुमशुदा...

हो गुमशुदा अब
ना ख़बर है ना कोई पाती
दिल तेरी यादो से अब
बन बैठा है जस्बाती
तुम सखीयों संग बैठ 
ना जाने क्या गोठियाती
चले आओ पुरानी यादें
अब गीत मिलन की है गाती


हमारी तरह क्या...

हमारी तरह क्या
तुम भी इन्तिज़ार में रहती हो
हमारी तरह विरह की पीडा भी
क्या सहती हो
हमारी तरह क्या सखियो संग
बातें दिल की कहती हो
जीने मरने की कशिश में
क्या हमारी तरह बहती हो
हमारी तरह क्या
तुम भी दर्द-ऐ-दास्तान लिखती हो
हमारी तरह क्या
तुम भी जिंदगी से सिखती हो


Tuesday, September 24, 2019

तुम क्या जानो...

फ़ल्सफ़ा-ऐ-जुदाई
तुम क्या जानो
मुहब्बत-ऐ-खुदाई 
तुम क्या जानो
ईश्क़-ऐ-रहनुमाई
तुम क्या जानो
दिल-ऐ-तड़फ़ाई
तुम क्या जानो
रिश्ता-ऐ-सच्चाई



Saturday, September 14, 2019

जिंदगी गुलज़ार है...

जिंदगी गुलज़ार है मुझको तुमसे प्यार है
जिंदगी गुलज़ार है तु ही एक मेरा यार है
जिंदगी गुलज़ार है तेरी बेरुखी मेरे ऊपर वार है
जिंदगी गुलज़ार है तुझपे दिल ज़ार-ज़ार है
जिंदगी गुलज़ार है यही जिंदगी का सार है
जिंदगी गुलज़ार है तभी जीवन साकार है


कोरा कागज़ पूछ रहा है...

कब खेलोगे रंग बिरंगे होली
कोरा कागज़ पूछ रहा है
कब लिखेंगे प्रेम की बोली
कोरा कागज़ पूछ रहा है
कब छलकेंगे शब्दों की स्याही
कोरा कागज़ पूछ रहा है
कब विराजेंगे मुझ पर अक्षर शाही
कोरा कागज़ पूछ रहा है
कब बयाँ होंगे अपने बिछुड़न कहानी
कोरा कागज़ पूछ रहा है
कब आएंगे लिख खबर मिलन सुहानी
हाँ... कोरा कागज़ पूछ रहा है

तेरे आँखो की बारी है...

सुन लो अगर गहराई है
तेरे डबडबाई आंखों में
तो आजा डूबा दे मुझे
समंदर तो हार बैठा है 
अब तेरे आँखो की बारी है
डूब जाऊ उसमे मेरी तैयारी है


Wednesday, August 21, 2019

एक याद...

एक याद तेरी थी,
     एक बात मेरी है !
एक साथ तेरा था,
     एक जुदाई मेरी है !
एक किस्मत तेरी थी,
     एक नसीब मेरा है !
एक लम्हा मेरा था,
     एक जिंदगी तेरी है !
एक खुशी तेरी थी,
     एक गम मेरा है !


बचाकर रख लिया जाये...

बचाकर रख लिया जाये 
तुम्हारी अल्पकालीन यादो को
बचाकर रख लिया जाये
तुम्हारे उन बेहतरीन बातों को
बचाकर रख लिया जाये
उन चंद मिलन कि घड़ीयों को
बचाकर रख लिया जाये
उन सर्द दिनों कि गर्म सांसो को
बचाकर रख लिया जाये
डिशपोजल पे भेजे संदेशो को
बचाकर रख लिया जाये
उन छलकते आंखों के आन्शु को
बचाकर रख लिया जाये
बचाकर रख लिया जाये